मेहंदीपुर कलकत्ता धर्मशाला श्री हनुमान बालाजी के तरफ प्रेम और श्रद्धा के भाव से बनाया गया है और यात्रियों , जो बालाजी के दर्शन के इच्छुक होते है उनकी सेवाहेतु यह धर्मशाला की सोच और नीव रखी गयी है । यहाँ छप्पन भोग का प्रसाद भी मंदिर में चढ़ाया जाता है । यहाँ सारी सामान्य सुख सुविधाएं जैसे रहना, खाना -पीना, नहाने , गीजर, जनरेटर, ठंडा पानी एवं अन्य सामान्य सुबिधायें उपस्तिथ है ।यहाँ नार्मल कमरे, कूलर वाले कमरे, सिंगल बेड, डबल बेड एवं ऐ.सी. वाले कमरे के संग उचित पार्किंग की व्यस्था की गयी है । मेहंदीपुर धाम में खाने पीने के लिए भी आयोजन किया गया है । आप यहाँ के मैनेजर से फ़ोन पे बात करके अपने लिए रुम बुक करवा सकते है।

राजस्थान के मेहंदीपुर वाले बालाजी देश ही नहीं दुनियाभर में लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम भारत देश के राजस्थान राज्य के दौसा जिले मे स्थित है। ये मंदिर श्री राम भक्त हनुमान जी से सम्बन्धित है। क्योंकि हनुमान जी ने बहुत सी लीलाएँ अपने बाल रूप में की हैं इसलिए कुछ स्थानों पर इन्हें बालाजी के नाम से भी जाना जाता है। श्री हनुमान जी महाराज यहाँ पे बाल रूप में विराजमान है। आप सभी भक्तों से निवेदन है कि आप सभी श्री मेहंदीपुर बाला जी धाम में एक बार अवश्य आएँ और श्री बालाजी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करें। श्री बाला जी महाराज के दर्शन से ही भक्तो के सभी संकट कट जाते है।ये बात केवल एक मिथ्या है , कि श्री मेहंदीपुर बाला जी धाम में केवल संकट वाले ही आते है। मेहंदीपुर धाम में भक्तो की सभी प्रकार की मनोकामनाए पूर्ण होती है 

श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज जी का धाम बहुत ही पावन और चमत्कारिक है। कलयुग में श्री बालाजी महाराज ही प्रधान देव के रूप में हैं। यह स्थान जिला दौसा (राजस्थान) में श्री मेहंदीपुर बालाजी के नाम से प्रसिद्ध है। जोकि दो पहाड़ियों के बीच बसा है इसलिए दो पहाड़ियों के बीच होने से इन्हें घाटा मेहंदीपुर बालाजी भी कहा जाता है। हनुमान जी ही यहाँ बाल रूप में विधमान हैं। यहाँ श्री बालाजी महाराज, श्री भैरव बाबा जी एवं श्री प्रेतराज सरकार जी साक्षात् विराजमान हैं। श्री बालाजी महाराज के दरबार के सामने ही श्री सीताराम जी का दरबार है। श्री बालाजी महाराज सदा माता सीता जी एवं श्री राम जी का दर्शन करते रहते हैं। यहाँ श्री बालाजी महाराज अपने भक्तो के हर संकट को दूर करते है। यहाँ जो भी भक्त सच्चे मन से अर्जी लगाते हैं बाबा जी उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते है। श्री राम दरबार जी के दरबार से कुछ दूरी पर श्री गणेशपुरी जी का समाधि स्थल है।

जो कि श्री बाला जी महाराज जी के बालपन से ही उपासक थे और प्रथम महन्त गोसाई जी थे उनको भी स्वप्न आया था और अपनी सेवा का भार दिया था। 11 वे महत श्री गणेश पूरी जी हुए जिन्हें हम समाधि वाले बाबा के नाम से बी जानते ह और उन के कार्यकाल में धाम का विस्तार हुआ। जिनका नाम श्री श्री गणेशपुरी जी गोस्वामी था। कोई भी भक्त सच्चे मन और सच्ची श्रद्धा से श्री बाला जी महाराज के दरबार जाते हैं श्री बाला जी महाराज जी उनको अपने दर से कभी खाली नहीं भेजते। भूत-प्रेत की बाधा, पागलपन, मिर्गी, लकवा,टी.बी., बाँझपन या अन्य किसी भी प्रकार की कोई बीमारी क्यों न हो श्री बालाजी महाराज की कृपा से अति शीघ्र दूर हो जाती है। हालाँकि हम लोग भौतिक विज्ञान के युग में रह रहे हैं किन्तु श्रीबालाजी के स्थान पर आकर आप सब कुछ भूल जाएंगे और तन -मन से श्री चरणो के भक्त बन जाएंगे। जैसा कि कहा गया है- “नास्तिक भी आस्तिक बन जाते हैं, मेंहदीपुर धाम में”

धर्मशाला की रेस्टोरेंट

धर्मशाला की फंक्शन हॉल

धर्मशाला की लिफ्ट

धर्मशाला की जनरेटर

एक शय्या कक्ष

दो शय्या कक्ष

तीन शय्या कक्ष

बड़ा कक्ष